Monday, June 28, 2010

13 Rajab 2010 Delhi Shah-e-Mardan

हक का इरफान जो पाया तो अली याद आया...

अलग-अलग नौहाख्वानों की जबान से आपने यह मशहूर कलाम जरूर सुना होगा। खासकर मीर हसन मीर का खास अंदाज में पढ़ा गया यह कलाम काफी मशहूर है। लेकिन 13 रजब की रात दिल्ली शाहे मरदां की महफिल में मुंबई से आए इस युवक ने अपने ही अंदाज में यह कलाम पढ़कर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। मोमनीन जो अपने घरों को जाने की तैयारी कर रहे थे वे इस युवक को सुनने के लिए लौट आए।

13 रजब के मौके पर आयोजित महफिल के लिए शाहे मरदां इमामबाड़े की बड़ी ही खूबसूरत सजावट की गई थी। दिल्ली और आसपास शहरों के शिया मोमनीन काफी संख्या में इसमें शिरकत करने पहुंचे।

Haq ka irfan jo paya tu Ali yaad aya...a youth from Mumbai reciting this very famous kalam in 13 Rajab 2010 mehfil at Shah-e-Mardan, Delhi. Viladat-e-Imam Ali celebrated in Delhi with high respect. Huge gathering of shia people attended this event at Shah-e-Mardan Imambara. Momneen visited in all rouza of Imams in the premises. You can explore more videos of Nauhey Majlis, Marsia at http://youtube.com/ykmedia

Haq ka irfan jo paya tu Ali yaad aya

2 comments:

Anonymous said...

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Anonymous said...

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