Monday, February 15, 2010

Faridabad Azadari - 29 Safar 2010, Meet this Hindu lover of Imam Hussain

मिलिए इस हिंदू भाई से जो मौला अली और इमाम हुसैन को शियों से भी ज्यादा चाहते हैं... अहलेबैत से मोहब्बत करने वाले और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन को मानने वाले सिर्फ शिया ही नहीं हैं। भारत के हिंदू लोग भी शियों के मुकाबले इमाम हुसैन से कम प्रेम नहीं करते। तमाम हिंदू लेखकों और कवियों मौला अली और इमाम हुसैन के बारे में काफी कुछ कहा। महान हिंदी उपन्यासकार व कथाकार मुंशी प्रेमचंद ने तो कर्बला के नाम से एक उपन्यास ही लिख डाला है। लेकिन आज यहां हम जिस हिंदू के बारे में आपको बताने और मिलवाने जा रहे हैं, उनकी बात कुछ अलग ही है। आप उनको देखकर कह उठेंगे कि यह तो कोई शिया मोमनीन ही है लेकिन यह हकीकत है कि उनका नाम अशोक छाबड़ा है और वह भारत में सहारनपुर जिले के रहने वाले हैं। उनकी जबान खुलते ही बस मौला का ही नाम आता है। दिल्ली के पास स्थित फरीदाबाद में हर साल सफर के जुलूस के दौरान वह खासतौर से उसमें शिरकत करने आते हैं। इस बार फरीदाबाद में 29 सफर 2010 के कार्यक्रम में भी वह मौजूद थे। उन्होंने फरीदाबाद के शिया मरकज में मजलिस से पहले अपना कलाम पेश कर तमाम शिया मोमनीन और मोमीनात की आंखें नम कर दीं। जुलूस के दौरान जनाब अशोक छाबड़ा साहब से हमने भी बात की। हालांकि कायदे से यह इंटरव्यू थोड़ा लंबा होना चाहिए था लेकिन वक्त होने की वजह से यह छोटा इंटरव्यू महज उनसे परिचय कराने के लिए दिया जा रहा है। उनसे बहुत जल्द इंशाल्लाह इसी चैनल और मंच के जरिए बात कर आपको उनका संदेश पहुंचाया जाएगा। इस इंटरव्यू की दो क्लिप यहां पेश की जा रही है। कृपया दोनों ही क्लिप सुनें। इस वेबसाइट की ओर से उनसे बात की है सैयद रजत अब्बास किरमानी ने। This is Ashok Chabra from Saharanpur, India, a true momneen and lover of Ahle-bait. He recite Nauha, writes poetry about karbala, Imam Hussain. This year on 29th safar Jaloos 2010 he was in Faridabad to participate in it. He presented his kalam in Majlis. On behalf of www.shiaazadari.com Syed Rajat Abbas Kirmani talked to him. This is a short interview during this programme. He has lot to tell. He is researching about those Hindu writers and poet who has written something about Imam Hussain and Karbala. यह इस बातचीत की दूसरी क्लिप है। हालांकि इस बातचीत में कैमरे का डायरेक्शन थोड़ा बदल गया है। उम्मीद है कि आप हमें उसके लिए माफ करते हुए इस इंटरव्यू में व्यक्त की गई भावनाओं और संवेदनाओं को समझेंगे। Ashok Chabra...a name reminds us as Hindu. But he is a true momneen and lover of Ahle-bait. He belongs to Saharanpur, India. He tries to come every year at Faridabad, near Delhi to participate in 28 or 29th safar Jaloos. This year he recited poetry in majlis and was present during Alam procession. On behalf of www.shiaazadari.com Syed Rajat Abbas Kirmani talked to him. This is a short interview during this programme. He has lot to tell. He is researching about those Hindu writers and poet who has written something about Imam Hussain and Karbala. You can find more videos of Nauha, Majlis, Matam, Azadari on http://youtube.com/ykmedia and http://shiavtube.blogspot.com

1 comment:

mamnoon kazmie said...

The interview is obviously taken in Imambargah, with women seen in the background before the Alams. But the sad part is that the noise the children are making is so much and high pitched seems like it is some
wedding hall, and not a pious place
where the interview is being taken, which is very distracting and hard to hear. The management should have take care to keep the sanctity of the place and dignity of the interview.