Sunday, September 23, 2007

कुछ काम की बातें

रसूलुल्लाह फरमाते हैं... उम्मीद अल्लाह की रहमत है। अगर उम्मीद न होती तो न मां अपने बच्चे को दूध पिलाती और न कोई माली दरख्त लगाता। इल्म सीखने से, हिल्म बर्दाश्त करने से हासिल होता है। जो खैर चाहता है उसको खैर मिलता है और जो शर से बचता है, वह उससे बचा रहता है। जो औरत मर्द की इजाजत के बगैर बाहर निकले तो जब तक घर वापस न आ जाए अल्लाह उससे नाराज रहता है। जो औरत बिला वजह मर्द से तलाक मांगे उस पर जन्नत की खुशबू हराम है जो औरत मर जाए और उसका शौहर उससे खुश रहा हो वह जन्नत में जाएगी।

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